श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)

श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)


आज हम आपको श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा) के बारे में बताने जा रहे है।  हनुमान जी कृपा प्राप्त करने के अनेकों अनेक प्रयोग पहले भी हमने बताए है पर इन प्रयोगों में से एक विशेष प्रयोग है हनुमान जंजीरा। 

यह किसी भी प्रकार की ऊपरी बाधा को क्षण में ध्वस्त कर देता है व जीवन पर्यंत ऐसी बाधाओं से रक्षा भी करता है. इस मंत्र की प्रतिदिन एक माला जप इक्कीस दिन तक करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। पवन पुत्र हनुमान जी की आराधना करें। हनुमान मंदिर में जाकर साधक अगरबत्ती जलाएँ। इक्कीसवें दिन उसी मंदिर में एक नारियल व लाल कपड़े की एक ध्वजा चढ़ाएँ। जप के बीच होने वाले अलौकिक चमत्कारों का अनुभव करके घबराना नहीं चाहिए। यह मंत्र भूत-प्रेत, डाकिनी-शाकिनी, नजर, टपकार व शरीर की रक्षा के लिए अत्यंत सफल है।

आप इसे सिद्ध करके अपनी तथा दूसरों की सहायता कर सकते है।  

जय बजरंग बली।। 


श्री हनुमान मंत्र (जंजीरा)


ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान,

हाथ में लड्‍डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान,

अंजनी‍ का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भू‍त, 

जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, 

शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, 

वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला

आगे अर्जुन पीछे भीम, 

चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, 

ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी  लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।




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